IT Act और BNS के तहत ऑनलाइन उत्पीड़न और NCII की रिपोर्ट कैसे करें
ऑनलाइन 'सुअर' जैसी घटिया हरकतें देखीं? यहाँ बताया गया है कि IT Act, BNS और साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग करके बिना सहमति के ली गई तस्वीरों (NCII) और उत्पीड़न की रिपोर्ट कैसे करें।
ऑनलाइन 'सुअर' जैसी घटिया हरकतें देखीं? यहाँ बताया गया है कि IT Act, BNS और साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग करके बिना सहमति के ली गई तस्वीरों (NCII) और उत्पीड़न की रिपोर्ट कैसे करें।
आप टेलीग्राम ग्रुप या किसी सबरेडिट पर स्क्रॉल कर रहे हैं और तभी आपको कुछ दिखता है: किसी ने आपके ट्यूशन या कॉलेज की किसी लड़की का "लीक" या प्राइवेट फोटो शेयर किया है। कमेंट्स में लोग वही "peak degenerate suar level mentality" दिखा रहे हैं—उसे रेटिंग दे रहे हैं, और फोटो मांग रहे हैं या भद्दी धमकियां दे रहे हैं। ऐसे में घिन आना और ऐप बंद कर देना आसान है, लेकिन इससे यह सब रुकता नहीं है। चाहे वह डीपफेक हो, बिना सहमति के ली गई अंतरंग तस्वीर (NCII) हो, या टारगेटेड उत्पीड़न, आपके पास इसे हटवाने और अपलोड करने वाले को जवाबदेह ठहराने की कानूनी शक्ति है, वो भी बिना खुद को खतरे में डाले।
भारतीय कानून अब "लॉकर रूम" कल्चर और डिजिटल दुर्व्यवहार से निपटने के लिए तैयार है। 1 जुलाई, 2024 से, Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) और Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) ने IPC और CrPC की जगह ले ली है, जो डिजिटल अपराधों के लिए विशेष रास्ते प्रदान करते हैं।
यह साइबर अपराधों के लिए मुख्य कानून बना हुआ है।
Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के तहत, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Intermediaries) कानूनी रूप से बाध्य हैं कि वे बिना सहमति के ली गई अंतरंग तस्वीरों—जिसमें मॉर्फ्ड या डीपफेक तस्वीरें भी शामिल हैं—को शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर हटा दें। आप Cyber Crime reporting portal पर रिपोर्ट करने के बारे में अधिक पढ़ सकते हैं।
यदि आप टॉक्सिक कंटेंट का सामना करते हैं या NCII के शिकार हैं, तो सबूतों को तुरंत डिलीट न करें। कानून का सही इस्तेमाल करने के लिए इस प्रक्रिया का पालन करें।
इससे पहले कि अपलोडर पोस्ट डिलीट कर दे या ग्रुप बैन हो जाए, आपको एक फॉरेंसिक ट्रेल की जरूरत है।
भारत में काम करने वाले हर बड़े प्लेटफॉर्म (Instagram, Reddit, Telegram, X) का एक Grievance Officer होना अनिवार्य है।
यदि कंटेंट गंभीर है, तो केवल प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करना काफी नहीं है। आपको पुलिस रिकॉर्ड की आवश्यकता है।
यदि कंटेंट "ट्यूब" साइटों या सर्च इंजन तक पहुंच गया है:
यदि ऑनलाइन रिपोर्ट से काम नहीं बनता, तो आपको नजदीकी पुलिस स्टेशन जाना होगा।
हालांकि भारत में अभी तक कोई अलग 'Right to be Forgotten' कानून नहीं है, लेकिन हाई कोर्ट्स (जैसे Zulfiqar Ahman Khan v. Quintillion Business Media, 2019 में दिल्ली हाई कोर्ट) ने इसे Article 21 के तहत निजता के अधिकार का हिस्सा माना है।
संस्थागत स्थानों में उत्पीड़न के व्यापक मुद्दों के लिए, POSH at workplace and college पर हमारी गाइड देखें। स्टैंड लेने के अपने सभी विकल्पों को देखने के लिए, browse all civic-action guides पर जाएं।
सिस्टम कागजों पर अच्छा दिखता है, लेकिन "असली दुनिया" में कमियां हैं। यहाँ बताया गया है कि आपकी शिकायत कहाँ अटक सकती है और उसे कैसे आगे बढ़ाएं।
जब आप स्थानीय पुलिस स्टेशन जाते हैं, तो एक अधिकारी आपको FIR दर्ज करने के बजाय "ट्रोल्स को नजरअंदाज करने" या "अपना अकाउंट डिलीट करने" के लिए कह सकता है। वे अक्सर अपने स्टेशन के अपराध के आंकड़े कम रखने के लिए ऐसा करते हैं।
हालांकि IT Rules 2021 NCII के लिए 24 घंटे में हटाने का आदेश देते हैं, टेलीग्राम या छोटे फोरम अक्सर ऑटोमेटेड रिपोर्ट्स को नजरअंदाज कर देते हैं।
पुलिस दावा कर सकती है कि वे आगे नहीं बढ़ सकते क्योंकि "स्क्रीनशॉट मॉर्फ्ड हो सकते हैं।"
विषय: URGENT: Complaint under Rule 3(2)(b) of IT Rules 2021 - Removal of NCII
बॉडी: Dear Grievance Officer,
I am writing to report a violation of Rule 3(2)(b) of the Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021.
The following content [Insert Link] contains non-consensual intimate imagery/morphed sexually explicit content of [Me/Person Name].
Under the law, you are required to acknowledge this complaint within 24 hours and remove access to the content within 24 hours of receipt of this complaint.
Details:
Attached are screenshots for your reference. Please provide a complaint reference number immediately.
Regards, [Your Name]
(हिंदी अनुवाद: प्रिय Grievance Officer, मैं Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के Rule 3(2)(b) के उल्लंघन की रिपोर्ट कर रहा/रही हूँ। निम्नलिखित कंटेंट [लिंक डालें] में [मेरा/व्यक्ति का नाम] की बिना सहमति के अंतरंग तस्वीरें/मॉर्फ्ड यौन स्पष्ट सामग्री है। कानून के तहत, आपको इस शिकायत को 24 घंटे के भीतर स्वीकार करना होगा और शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर कंटेंट को हटाना होगा। विवरण: कंटेंट का URL: [लिंक], अपलोडर का यूजरनेम: [हैंडल], खोज की तारीख/समय: [तारीख]। संदर्भ के लिए स्क्रीनशॉट संलग्न हैं। कृपया तुरंत शिकायत संदर्भ संख्या प्रदान करें।)
आप: "सर, मैं BNS की Section 77 और Section 79 के तहत ऑनलाइन उत्पीड़न और तांक-झांक (voyeurism) के संबंध में FIR दर्ज कराना चाहता/चाहती हूँ।"
अधिकारी: "यह सिर्फ एक कमेंट/फोटो है। उन्हें ब्लॉक करो और आगे बढ़ो।"
आप: "सर, यह एक संज्ञेय अपराध (cognizable offence) है। सुप्रीम कोर्ट के Lalita Kumari (2014) फैसले के अनुसार, आप कानूनी रूप से FIR दर्ज करने के लिए बाध्य हैं जब कोई संज्ञेय अपराध रिपोर्ट किया जाता है। यदि अधिकार क्षेत्र (jurisdiction) का मुद्दा है, तो कृपया Section 173 of the BNSS के तहत Zero FIR दर्ज करें और इसे संबंधित स्टेशन को ट्रांसफर करें। मेरे पास Section 63 BSA सर्टिफिकेट के साथ सबूत तैयार हैं।"
cybercrime.gov.in पर फाइल करते समय, इसे स्पष्ट रखें।
"On [Date] at [Time], I observed that the user [Handle/Phone Number] on [Platform] uploaded/shared [describe content: e.g., a morphed private photo] without consent. This content is being circulated in [Group Name/Link]. This act violates Section 66E and 67A of the IT Act and Section 77 of the BNS. I have preserved screenshots and the URL. I request an immediate takedown and investigation into the IP address of the uploader."
(हिंदी अनुवाद: [तारीख] को [समय] पर, मैंने देखा कि [प्लेटफॉर्म] पर यूजर [हैंडल/फोन नंबर] ने बिना सहमति के [कंटेंट का वर्णन करें: जैसे, एक मॉर्फ्ड प्राइवेट फोटो] अपलोड/शेयर किया है। यह कंटेंट [ग्रुप नाम/लिंक] में प्रसारित किया जा रहा है। यह कृत्य IT Act की Section 66E और 67A तथा BNS की Section 77 का उल्लंघन है। मैंने स्क्रीनशॉट और URL सुरक्षित कर लिए हैं। मैं तुरंत इसे हटाने और अपलोडर के IP एड्रेस की जांच करने का अनुरोध करता/करती हूँ।)
हाँ। National Cyber Crime Reporting Portal पर, "Women/Child Related Crime" के तहत "Report Anonymously" का एक विशेष विकल्प है। कंटेंट को हटाने के लिए आपको अपना नाम या पता देने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि यदि आप पूर्ण जांच और गिरफ्तारी चाहते हैं तो विवरण देना मददगार होता है।
फिर भी रिपोर्ट करें। पुलिस Section 94 of the BNSS के तहत प्लेटफॉर्म (Instagram, X, आदि) को नोटिस जारी कर सकती है ताकि उस "फर्जी" अकाउंट से जुड़े IP लॉग्स, रजिस्ट्रेशन ईमेल और फोन नंबर प्राप्त किए जा सकें। डिजिटल फुटप्रिंट्स को मिटाना अधिकांश "ट्रोल्स" की सोच से कहीं ज्यादा मुश्किल है।
नहीं। साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना या पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराना बिल्कुल मुफ्त है। यदि कोई अधिकारी "प्रोसेसिंग फीस" या "सुविधा शुल्क" मांगता है, तो वे रिश्वत मांग रहे हैं। आप ऐसी मांगों की रिपोर्ट राज्य सतर्कता आयोग (State Vigilance Commission) या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) को कर सकते हैं।
यदि आप IT Rules 2021 का हवाला देते हुए प्लेटफॉर्म के Grievance Officer को सही तरीके से रिपोर्ट करते हैं, तो वे कानूनी रूप से NCII को 24 घंटे के भीतर हटाने के लिए बाध्य हैं। अन्य प्रकार के उत्पीड़न (बुलिंग, स्टॉकिंग) के लिए, समय सीमा आमतौर पर 15 दिन होती है, लेकिन NCII को कानून द्वारा फास्ट-ट्रैक किया जाता है।
यदि आप नाबालिग (18 से कम) हैं, तो पुलिस आमतौर पर Juvenile Justice Act और POCSO प्रोटोकॉल के तहत अभिभावक को शामिल करने के लिए बाध्य है। यदि आप वयस्क (18+) हैं, तो आपको निजता का अधिकार है। हालाँकि, "गरिमा को ठेस पहुँचाने" (outrage of modesty) के मामलों में, पुलिस किसी सेकेंडरी संपर्क के लिए पूछ सकती है। आप अपनी निजता संबंधी चिंताओं पर चर्चा करने के लिए महिला हेल्प डेस्क अधिकारी (अधिकांश स्टेशनों पर उपलब्ध) से बात करने का अनुरोध कर सकते हैं।
डीपफेक को NCII के समान ही माना जाता है। IT Rules 2021 के तहत, प्लेटफॉर्म को "इम्पर्सोनेशन (बहुरूपता) की प्रकृति वाली सामग्री... जिसमें कृत्रिम रूप से प्रतिकृति या हेरफेर की गई तस्वीरें शामिल हैं" को हटाना होगा। अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि छवि "AI-जनरेटेड है या बिना सहमति के हेरफेर की गई है।"
हाँ। आपराधिक मामले के अलावा, आप मानहानि या निजता के उल्लंघन के लिए हर्जाने का दीवानी मुकदमा (civil suit) दायर कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कई राज्यों में "पीड़ित मुआवजा योजनाएं" (Victim Compensation Schemes) हैं जहाँ District Legal Services Authority (DLSA) कानूनी और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर सकती है। अपने स्थानीय DLSA संपर्क के लिए nalsa.gov.in देखें।
हाँ। [National Cyber Crime Reporting Portal](https://cybercrime.gov.in) पर, "Women/Child Related Crime" के तहत "Report Anonymously" का एक विशेष विकल्प है। कंटेंट को हटाने के लिए आपको अपना नाम या पता देने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि यदि आप पूर्ण जांच और गिरफ्तारी चाहते हैं तो विवरण देना मददगार होता है।
फिर भी रिपोर्ट करें। पुलिस **Section 94 of the BNSS** के तहत प्लेटफॉर्म (Instagram, X, आदि) को नोटिस जारी कर सकती है ताकि उस "फर्जी" अकाउंट से जुड़े IP लॉग्स, रजिस्ट्रेशन ईमेल और फोन नंबर प्राप्त किए जा सकें। डिजिटल फुटप्रिंट्स को मिटाना अधिकांश "ट्रोल्स" की सोच से कहीं ज्यादा मुश्किल है।
नहीं। साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना या पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराना बिल्कुल मुफ्त है। यदि कोई अधिकारी "प्रोसेसिंग फीस" या "सुविधा शुल्क" मांगता है, तो वे रिश्वत मांग रहे हैं। आप ऐसी मांगों की रिपोर्ट राज्य सतर्कता आयोग (State Vigilance Commission) या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) को कर सकते हैं।
यदि आप **IT Rules 2021** का हवाला देते हुए प्लेटफॉर्म के Grievance Officer को सही तरीके से रिपोर्ट करते हैं, तो वे कानूनी रूप से NCII को **24 घंटे** के भीतर हटाने के लिए बाध्य हैं। अन्य प्रकार के उत्पीड़न (बुलिंग, स्टॉकिंग) के लिए, समय सीमा आमतौर पर 15 दिन होती है, लेकिन NCII को कानून द्वारा फास्ट-ट्रैक किया जाता है।
यदि आप नाबालिग (18 से कम) हैं, तो पुलिस आमतौर पर **Juvenile Justice Act** और **POCSO** प्रोटोकॉल के तहत अभिभावक को शामिल करने के लिए बाध्य है। यदि आप वयस्क (18+) हैं, तो आपको निजता का अधिकार है। हालाँकि, "गरिमा को ठेस पहुँचाने" (outrage of modesty) के मामलों में, पुलिस किसी सेकेंडरी संपर्क के लिए पूछ सकती है। आप अपनी निजता संबंधी चिंताओं पर चर्चा करने के लिए महिला हेल्प डेस्क अधिकारी (अधिकांश स्टेशनों पर उपलब्ध) से बात करने का अनुरोध कर सकते हैं।
डीपफेक को NCII के समान ही माना जाता है। **IT Rules 2021** के तहत, प्लेटफॉर्म को "इम्पर्सोनेशन (बहुरूपता) की प्रकृति वाली सामग्री... जिसमें कृत्रिम रूप से प्रतिकृति या हेरफेर की गई तस्वीरें शामिल हैं" को हटाना होगा। अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख करें कि छवि "AI-जनरेटेड है या बिना सहमति के हेरफेर की गई है।"
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